मुंबई, 20 जून (आईएएनएस) कंपोजर मिथुन का कहना है कि साल 2005 में आई फिल्म जहर में उनके हिट गाने वो लम्हे ने उनके जीवन को बदल दिया।
उन्हें वो लम्हे को कंपोज करने का मौका कैसे मिला, इस पर मिथुन ने कहा, एक दिन मेरे पिता को मुकेश भट्ट ने फोन किया, वह जहर नामक एक फिल्म को प्रोड्यूस कर रहे थे। मेरे पिता उस मीटिंग के लिए गए और उनका परिचय निर्देशक और गायक से हुआ। मेरे पिता को कुछ महसूस हुआ और उन्होंने मुझे वहीं बात आकर बताई जो उन्होंने मुकेश जी से कहा था, उन्होंने कहा, मैं इसमें खुद को कहीं भी फिट महसूस नहीं कर रहा हूं, क्योंकि आपका निर्देशक (मोहित सूरी) 22 साल का है, आपका गायक (आतिफ असलम) 20 साल का है, इसलिए मेरी जगह मुझे अपना बेटे को भेजने दो, मुझे लगता है कि वह उनके साथ बेहतर सामंजस्य करेगा।
मिथुन के पिता नरेश शर्मा उद्योग के दिग्गज रहे हैं, जो बॉलीवुड के सबसे सफल संगीतकारों में से एक हैं।
मिथुन ने आगे कहा, मुकेश भट्ट साहब युवा संगीतकारों को लेकर बहुत उत्साहित हुए, उन्होंने कहा कि कृपया उन्हें भेजें। मैं उनसे पहली बार मिलने गया और मैंने स्टूडियो में धुन को अपने दिमाग में बिठा लिया, मैंने दो दिनों में इसका एक बेसिक वर्जन बनाया। मैंने मुकेश जी और पूरी टीम और मोहित को अपने बेडरूम स्टूडियो में उसे सुनाने के लिए आमंत्रित किया।
उन्होंने एमएक्स प्लेयर के म्यूजिक रियलिटी-चैट शो टाइम्स ऑफ म्यूजिक के एक एपिसोड पर कहा, और उस शाम, उन्होंने इसे सुना, और हर कोई इसके लिए तैयार था। उस शाम ने मेरी जिंदगी को बदल दिया।
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