इस्लामाबाद, 6 जून (आईएएनएस)। पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) की अनदेखी करने वालों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है।
इस अनदेखी में फेस मास्क न पहनना, शरीर के तापमान को नजरअंदाज करना और लक्षणों की जांच न कराना जैसी बातें शामिल हैं।
डॉन न्यूज के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट द्वारा शुक्रवार को एक अधिसूचना जारी की गई और तुरंत आदेश दिया गया कि कोर्ट परिसर के अंदर मौजूद किसी भी शख्स को हर समय मास्क पहने रहना होगा।
अधिसूचना में कहा गया है कि यह देखा गया है कि कोविड-19 के प्रसार को कम करने के निवारक उपायों का पालन सुप्रीम कोर्ट के स्टाफ सदस्यों, कोर्ट की बिल्डिंग में स्थित अन्य कार्यालयों के कर्मचारियों और आम जनता, आगंतुकों और वादियों द्वारा पूरी तरह से नहीं किया जा रहा है।
इसलिए, अधिसूचना में कहा गया कि उचित अधिकारी द्वारा इस पर ध्यान दिया जाए और आदेश दिया कि फेस मास्क पहनना और बुखार/तापमान की जांच करवाना सुप्रीमकोर्ट परिसर में प्रवेश करने वाले सभी व्यक्तियों के लिए अनिवार्य है।
प्रधान न्यायाधीश गुलजार अहमद ने 1 जून को, सुप्रीम कोर्ट में सामाजिक दूरी के उल्लंघन का संज्ञान भी लिया था।
पांच न्यायाधीशों वाली पीठ का नेतृत्व करते हुए, प्रधान न्यायाधीश ने एक मामले की सुनवाई के दौरान पूछा था कि कोर्टरूम में इतने ज्यादा लोग क्यों हैं।
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