डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर चीन से तनातनी जारी है। सोमवार रात भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए। जिसके बाद से देशभर में गम और चीन के प्रति गुस्से का माहौल बना हुआ है। 45 साल में ऐसा पहला मामला है जब भारत-चीन की झड़प में किसी सैनिक का खून बहा है। आज इन शहीदों की सूची जारी की जाएगी। वहीं चीन के भी 43 सैनिकों के हताहत होने की खबर है, लेकिन चीन ने यह कबूला नहीं है।
चीन से बातचीत के जरिए समझौते की कोशिश का भी कोई असर नहीं हुआ है। हालात में कोई बदलाव नहीं आने के बाद अब सेना ना सिर्फ लद्दाख बल्कि एलएसी के दूसरे हिस्सों में भी अलर्ट मोड पर आ गई है। वहीं अमेरिका भी भारत-चीन के बीच जारी इस तनाव पर नजर बनाए हुए है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी इसकी जानकारी देते हुए कहा, LAC पर जो भी चल रहा है, उसपर अमेरिका की पूरी नजर है।
LIVE Update:
राजनाथ सिंह की बैठक
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सीडीएस बिपिन रावत और तीनों सेनाओं के अध्यक्ष के साथ बैठक कर रहे हैं। उन्होंने LAC पर मौजूदा हालात को लेकर विदेश मंत्री से भी बात की है।
राहुल ने पीएम पर साधा निशाना
भारत और चीन के बीच हुई हिंसक झड़प को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। राहुल ने कहा, पीएम चुप क्यों हैं? वह क्यों छिप रहे हैं? बस बहुत हुआ। हम जानना चाहते हैं कि क्या हुआ है। चीन की हिम्मत कैसे हुई हमारे सैनिकों को मारने की? उनकी हिम्मत कैसे हुई हमारी जमीन लेने की?
Why is the PM silent?
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 17, 2020
Why is he hiding?
Enough is enough. We need to know what has happened.
How dare China kill our soldiers?
How dare they take our land?
LAC पर जारी गतिविधियों पर अमेरिका की नजर
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने कहा है कि, भारतीय सेना ने 20 जवानों के शहीद होने की पुष्टि की है, हम उनके परिवार के प्रति सांत्वना व्यक्त करते हैं। भारत-चीन दोनों ही देश इस पर राजी हैं कि वो विवाद को निपटाना चाहते हैं और बॉर्डर से सैनिक पीछे लेना चाहते हैं। अमेरिका के मुताबिक, 2 जून को पीएम मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर बात हुई थी जिसमें बॉर्डर पर जारी तनाव के बारे में बात हुई थी। हम चाहते हैं, दोनों देश शांति से इस विवाद को खत्म करें।
चीन ने भारत पर लगाए सीमा लांघने के आरोप
चीन की सरकारी मीडिया ने चीनी सेना के हवाले से दावा किया है कि, गलवान घाटी क्षेत्र पर उसकी हमेशा संप्रभुता रही है। आरोप लगाया गया है कि, भारतीय सैनिकों ने जानबूझकर उकसाने वाले हमले किए, जिस कारण संघर्ष हुआ और सैनिक हताहत हुए। चीन ने आरोप लगाया है, भारतीय सैनिकों ने 15 जून को दो बार अवैध गतिविधियों के लिए सीमा लांघी और चीनी कर्मियों को उकसाया, उन पर हमले किए जिसके कारण दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई।
चीन ने भारतीय सेना के इस बयान का विरोध किया कि, गलवान घाटी में तनाव कम करने की प्रक्रिया के दौरान सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिनजियान ने सीमा पर भारतीय सैनिकों के शहीद होने की खबर के बारे में पूछे जाने पर बीजिंग में कहा, हमारे सैनिकों की उच्चस्तरीय बैठक हुई थी और सीमा पर स्थिति को सामान्य बनाने पर सहमति बनी थी, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से 15 जून को भारतीय सैनिकों ने हमारी सहमति का गंभीर रूप से उल्लंघन किया और अवैध गतिविधियों के लिए दो बार सीमा रेखा लांघी।
लंबे समय से जारी है भारत-चीन विवाद
गौरतलब है कि, लद्दाख में भारत और चीन के बीच एलएसी पर लंबे समय से जारी विवाद अब सैनिकों के बीच हिंसक झड़प तक पहुंच गया है। सोमवार रात लद्दाख की गलवान वैली में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई झड़प में भारत के एक कर्नल और 19 जवान शहीद हो गए। सेना ने 3 के नाम आधिकारिक तौर पर बताए हैं। इनमें 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संतोष बाबू, हवलदार पालानी और सिपाही कुंदन झा शामिल हैं। बाकी नामों की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। चीन की तरफ से भी 3 से 5 सैनिकों के मारे जाने और 11 जवानों के घायल होने की खबर है। तीन घंटे चली यह झड़प दुनिया की दो एटमी ताकतों के बीच लद्दाख में 14 हजार फीट ऊंची गालवन वैली में हुई। उसी गालवन वैली में, जहां 1962 की जंग में 33 भारतीयों की जान गई थी। भारत ने चीन की तरफ हुई बातचीत इंटरसेप्ट की है। इसके मुताबिक, चीन के 43 सैनिक हताहत होने की खबर है, लेकिन चीन ने यह कबूला नहीं है।
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