डिजिटल डेस्क, मुंबई। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित कार्यक्रम तेनाली रामा में पिता और पुत्र रामा व भास्कर की दोहरी भूमिका को निभाने वाले अभिनेता कृष्णा भारद्वाज ने शो में अपने निभाए जाने वाले किरदार में अपने पिता के योगदान के बारे में बात कीं। उन्होंने कहा, मेरे पिता डॉ.अनिकेत भारद्वाज एक अभिनेता हैं और मुझे अभिनय के जीन्स उनसे ही मिले हैं। आकाशवाणी, स्थानीय दूरदर्शन और थिएटर में काम करने के दौरान मैंने उन्हें हमेशा से ही एक बेहद जुनूनी अभिनेता, लेखक और निर्देशक के रूप में पाया है।
उनका मानना है कि अपने काम को लेकर जुनूनी होने के गुण उन्हें उनके पिता से ही मिले हैं। कृष्णा कहते हैं, मुझे आज भी उनके संघर्ष के दिन याद हैं, जब वह एक अभिनेता बनने की चाहत लिए मुंबई आए थे, लेकिन सफल नही हो पाए। अपनी पूरी जिंदगी उन्होंने कई अलग-अलग कामों में अपने हाथ आजमाए, लेकिन किसी एक विशेष काम में टिककर नहीं रह पाए क्योंकि वह दिल से एक कलाकार थे।
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उन्होंने कहा कि वह किसी एक काम को बीच में छोड़कर परफॉर्म करने चले जाते थे, लेकिन इसके लिए उन्हें ज्यादा पैसे नहीं मिलते थे, जिसके चलते उन्हें दूसरा काम ढूंढ़ना पड़ता था। उनके इसी जुनून को देखकर मैं प्रेरित हुआ और यह ठान लिया कि मैं एक एक्टर ही बनूंगा।
सोनी सब के तेनाली रामा के बारे में कृष्णा ने कहा, तेनाली रामा में उन्होंने मेरी प्रस्तुति को काफी ज्यादा प्रभावित किया। कार्यक्रम में हमें शुद्ध हिंदी में संवाद बोलना पड़ता है क्योंकि इसकी पृष्ठभूमि ही कुछ ऐसी है। हिंदी में पीएचडी होने के नाते बचपन से ही वह मेरी हिंदी में सुधार करते रहे हैं, तो मेरे इस किरदार को निपुणता से निभाने का श्रेय मेरे पिता को जाता है।
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