डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश के ईमानदार टैक्सपेयर्स (करदाताओं) को प्रोत्साहित करने और कर प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi ) ने आज (13 अगस्त) एक विशेष प्लेटफॉर्म की शुरुआत की। प्रधानमंत्री मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 'ट्रांसपैरेंट टैक्सेशन- ऑनरिंग द ऑनेस्ट' (Transparent Taxation - Honouring the Honest) प्लेटफॉर्म लॉन्च किया। नए प्लेटफॉर्म की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने कहा, देश में चल रहा संरचनात्मक सुधार (structural reforms) का सिलसिला आज एक नए पड़ाव पर पहुंचा है। ट्रांसपैरेंट टैक्सेशन 21वीं सदी के टैक्स सिस्टम की इस नई व्यवस्था है।
At 11 AM on Thursday, 13th August, the platform for “Transparent Taxation – Honoring the Honest” would be launched. This adds strength to our efforts of reforming and simplifying our tax system. It will benefit several honest tax payers, whose hardwork powers national progress.
— Narendra Modi (@narendramodi) August 12, 2020
पीएम मोदी ने कहा, भारत के टैक्स सिस्टम में मूलभूत (Fundamental) और संरचनात्मक सुधार (Structural Reforms) की जरूरत इसलिए थी क्योंकि हमारा आज का ये सिस्टम गुलामी के कालखंड में बना और फिर धीरे धीरे विकसित हुआ। आज़ादी के बाद इसमें यहां वहां थोड़े बहुत परिवर्तन किए गए, लेकिन व्यापक रूप से सिस्टम का स्वरूप वही रहा।
पीएम ने कहा, देश का ईमानदार करदाता राष्ट्रनिर्माण में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। जब देश के ईमानदार करदाता का जीवन आसान बनता है, वो आगे बढ़ता है, तो देश का भी विकास होता है, देश भी आगे बढ़ता है। एक दौर था जब हमारे यहां रिफॉर्म्स की बहुत बातें होती थीं। कभी मजबूरी में कुछ फैसले लिए जाते थे, कभी दबाव में कुछ फैसले हो जाते थे, तो उन्हें रिफॉर्म कह दिया जाता था। इस कारण इच्छित परिणाम नहीं मिलते थे। अब ये सोच और अप्रोच, दोनों बदल गई हैं।हमारे लिए रिफॉर्म का मतलब है- रिफॉर्म नीति आधारित हो, टुकड़ों में नहीं हो, समग्र (Holistic) हो, एक रिफॉर्म दूसरे रिफॉर्म का आधार बने, नए रिफॉर्म का मार्ग बनाए। और ऐसा भी नहीं है कि एक बार रिफॉर्म करके रुक गए। ये निरंतर, सतत चलने वाली प्रक्रिया है। रिफॉर्म्स के प्रति भारत की इसी प्रतिबद्धता को देखकर विदेशी निवेशकों का विश्वास भी भारत पर लगातार बढ़ रहा है। कोरोना के इस संकट के समय भी भारत में रिकॉर्ड FDI का आना इसी का उदाहरण है।
पहले 10 लाख रुपये के ऊपर के विवादों को लेकर सरकार हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट पहुंच जाती थी। अब हाईकोर्ट में 1 करोड़ रुपए तक के और सुप्रीम कोर्ट में 2 करोड़ रुपए तक के केस की सीमा तय की गई है। 'विवाद से विश्वास' जैसी योजना से कोशिश ये है कि ज्यादातर मामले कोर्ट से बाहर ही सुलझ जाएं।
नए प्रोग्राम 'ट्रांसपैरेंट टैक्सेशन' का मतलब है पारदर्शी टैक्स व्यवस्था। इस कार्यक्रम की टैगलाइन रखी गई है- ईमानदारों का सम्मान (Honoring the Honest)। इस आयोजन में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर भी शामिल हुए हैं।
पीएम मोदी ने इस प्रोग्राम की जानकारी देते हुए ट्वीट कर कहा, इससे हमारी कर प्रणाली में सुधार और सरलीकरण के हमारे प्रयासों में मजबूती आएगी। यह कई ईमानदार करदाताओं को लाभान्वित करेगा, जिनकी कड़ी मेहनत राष्ट्रीय प्रगति को बढ़ावा देती है।
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