डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मॉनूसन सत्र के सातवें दिन सरकार ने कृषि संबंधित तीन विधयकों को राज्यसभा में पेश किया। इन विधेयकों को लेकर विपक्ष के तेवर तो गरम हैं ही, शिरोमणि अकाली दल जो बीजेपी की सबसे पुरानी सहयोगी है, वो भी इस बिल का विरोध कर रही है। पार्टी की सांसद हरसिमरत कौर बादल इसे लेकर कैबिनेट से इस्तीफा दे चुकी है। हालांकि इसके बावजूद सरकार को भरोसा है कि वो इन विधेयकों को राज्य सभा से पास करा लेगी। कृषि से जुड़े बिल लोकसभा से पहले ही पास हो चुके हैं।
कृषि संबंधित तीन विधयक
नंबर 1. कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) बिल
नंबर 2. मूल्य आश्वासन और कृषि सेवाओं पर किसान (संरक्षण एवं सशक्तिकरण बिल)
नंबर 3. आवश्यक वस्तु संशोधन बिल
केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कृषि बिलों को पेश करते हुए एक बार फिर दोहराया कि बिलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, 'मैं सदन के माध्यम से सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि इन बिलों का एमएसपी से कोई लेना-देना नहीं है। एमएसपी पहले की तरह जारी रहेगा। मैंने लोकसभा में भी यही कहा था और खुद पीएम मोदी ने आश्वासन दिया है कि एमएसपी के साथ छेड़छाड़ नहीं की जाएगी।' बता दें कि किसान चिंतित हैं कि यह बिल एमएसपी को खत्म कर देगा।
भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को उच्च सदन में लगभग 105 वोट मिलने की उम्मीद है, जिसकी मौजूदा ताकत 243 है। दो सीटें खाली हैं और बहुमत का निशान 122 पर है। कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्ष 100 के करीब है। जबकि वाईएसआर कांग्रेस ने अभी तक निर्णय नहीं लिया है, अन्नाद्रमुक और बीजद दोनों ने सरकार को समर्थन देने का फैसला किया है। बीजेपी ने अपने सभी राज्यसभा सांसदों को सदन में मौजूद रहने के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किया था।
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