डिजिटल डेस्क, दिल्ली। कृषि कानून के विरोध में किसानों का आंदोलन 14वें दिन में प्रवेश कर चुका है। आज 11 बजे सरकार की तरफ से किसानों को एक लिखित प्रस्ताव दिया जाएगा। जिसके बाद सिंधु बॉर्डर पर किसानों की दोपहर 12 बजे बैठक होगी और प्रस्ताव पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। बता दें कि मंगलवार शाम गृहमंत्री अमित शाह और किसान नेताओं की बैठक बेनतीजा रही।
9 दिसंबर को होने वाली सरकार और किसान नेताओं की बैठक को रद्द कर दिया गया है। मंगलवार शाम अचानक बुलाई गई बैठक में 13 किसान नेता शामिल हुए। जिसमें किसान नेताओं ने माना कि सरकार कानून वापस लेने के मूड में नहीं है। आज दोपहर को सिंधु बॉर्डर पर होने वाली मीटिंग में किसान आगे की रणनीति बनाएंगे।
2 घंटे चली वार्ता
मंगलवार शाम को हुई बैठक में सरकार और किसान नेताओं के बीच 2 घंटे तक वार्ता चली। बैठक में मौजूद किसान नेताओं के मुताबिक, पूसा इंस्टिट्यूट में हुई बैठक में सबसे पहले नरेंद्र सिंह तोमर ने बात रखी। उनके बाद गृहमंत्री अमित शाह ने अपनी बात रखी। जिसके बाद सरकार ने कुछ बिंदुओं जैसे- किसानों को कोर्ट जाने का अधिकार, प्राइवेट प्लेयर्स का पंजीकरण, प्राइवेट प्लेयर्स पर टैक्स से जुड़ा मसला पर कानून संशोधन करने को लेकर रजामंदी दिखाई। सरकार ने लगातार इस पर जोर दिया कि बिल में जो संशोधन चाहिए वो किए जा सकते हैं। लेकिन कानून रद्द नही किया जाएगा।
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