डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान दिल्ली बॉर्डर पर आज 10वें दिन भी जमे हुए हैं। सरकार 2 बैठकों में किसानों को समझाने में कामयाब नहीं हो पाई। वहीं आज किसान संगठनों के साथ पांचवें दौर की बैठक होने जा रही है। हालांकि विरोध करने वाले किसान इस कृषि कानून को सरकार द्वारा वापस लेने की बात कह रहे हैं। इसी बीच गृहमंत्री अमित शाह शनिवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पहुंचे। जहां किसानों से बातचीत से पहले समाधान की रणनीति पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर हुई इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद रहे। यह बैठक करीब दो घंटे तक चली।
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आपको बता दें कि दोपहर 2 बजे विज्ञान भवन में सरकार और किसानों की बैठक होगी। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने इस बैठक को लेकर सकारात्मक उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा है कि "उम्मीद है किसान सकारात्मक सोचेंगे और आंदोलन का रास्ता छोड़ेंगे।
हालांकि, किसान महापंचायत के नेता रामपाल जाट ने कहा कि सरकार को तीन काले कानूनों को वापस लेने की घोषणा करनी चाहिए और उसे लिखित में देना होगा कि एमएसपी जारी रहेगी। अगर आज की वार्ता से कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकलता है, तो राजस्थान के किसान एनएच-8 के साथ दिल्ली की ओर मार्च करेंगे और जंतर मंतर पर डेरा डालेंगे।
दोपहर 2 बजे होने वाली किसान संगठनों और सरकार के बीच बातचीत के लिए 32 किसान संगठनों के लोग सिंधु बॉर्डर से निकल चुके हैं। तीन लोगों के ग्रुप में करीब 35 लोग बातचीत के लिए जाएंगे। मालूम हो कि कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर पर पिछले नौ दिन से डटे हुए हैं और उनके प्रदर्शन का 10वां दिन है।
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