डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कोरोना के साए के बीच 26 जनवरी को भारत अपना गणतंत्र दिवस मनाएगा। इस बार सरकार ने कोरोना की वजह से गणतंत्र दिवस के मौके पर किसी भी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष को चीफ गेस्ट के तौर पर शामिल नहीं करने का फैसला लिया है। साल 1966 के बाद पहली बार होगा जब गणतंत्र दिवस समारोह में चीफ गेस्ट नहीं होंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी।
वैसे मोदी सरकार ने इस बार गणतंत्र दिवस समारोह के मौके पर चीफ गेस्ट के लिए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को आमंत्रित किया था। इस आमंत्रण को जॉनसन ने स्वीकार भी कर लिया था। लेकिन कोरोना के नए स्ट्रेन के मामले सामने आने के बाद उन्होंने भारत का दौरा रद्द कर दिया। अब भारत ने भी कोरोना की वजह से किसी भी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष को चीफ गेस्ट के तौर पर शामिल नहीं करने का फैसला लिया है।
बता दें कि भारत गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि का चयन काफी सोच समझ कर करता है। देश के हित को देखते हुए या तो मित्र देश के नेता को या फिर ऐसे देश के नेता को गणतंत्र दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया जाता है, जिससे भारत को संबंध और मजबूत करने हो। पिछले कुछ सालों में गणतंत्र दिवस पर आमंत्रित किए गए अतिथियों पर नजर डाले तो स्पष्ट तौर पर भारत की विदेश नीति की एक झलक मिलती है।
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