डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत सरकार सद्भावना के तौर पर भूटान, मालदीव, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार और सेशेल्स को बुधवार से कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड की आपूर्ति करेगा। संकटकाल में भारत ने इस कदम के जरिए एक बार फिर 'पड़ोसी पहले' की भावना का उदाहरण पेश किया है। बता दें कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन को भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने कोविशील्ड नाम से तैयार किया है।
MEA ने कहा कि भारत को पड़ोसी और प्रमुख साझेदार देशों से टीकों की आपूर्ति के लिए कई अनुरोध मिले थे। इन अनुरोधों के जवाब में भारत 20 जनवरी से वैक्सीन की खेप भेजी जा रही है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत घरेलू जरूरतों को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध तरीके से आने वाले हफ्तों और महीनों में कोविड-19 टीकों की आपूर्ति करेगा। विदेश मंत्रालय ने ये भी बताया कि भारत को टीकों की आपूर्ति के लिए श्रीलंका, अफगानिस्तान और मॉरीशस से आवश्यक विनियामक मंजूरी की पुष्टि का इंतजार है।
बता दें कि पूरी दुनिया में भारत में सबसे अधिक वैक्सीन बनती है और इसे दुनिया की 'वैक्सीन फैक्ट्री' कहा जाए तो गलत नहीं होगा। पड़ोसी देशों को मुफ्त में वैक्सीन प्रदान करने के भारत के इस कदम को कूटनीतिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चीन पिछले काफी समय से भारत के पड़ोसी देशों में अपनी पैठ जमाने में लगा हुआ है, ताकि समय आने पर भारत को घेरा जा सके।
दुनिया में कोरोना संक्रमितों की बात करे तो अब तक 9 करोड़ 61 लाख से ज्यादा लोग इस खतरनाम वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। राहत की बात ये है कि इनमें 6 करोड़ 87 लाख लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण से जान गंवाने वालों की संख्या अब 20 लाख 51 हजार से ज्यादा हो चुकी है। 2.53 करोड़ मरीज ऐसे हैं जिनका इलाज चल रहा है। इनमें 1.12 लाख मरीजों की हालत गंभीर है।
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