डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश में शनिवार से कोरोना वैक्सीनेशन कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके साथ ही पहले दिन 1.91 लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया। इस बीच भारत बायोटेक ने ऐलान किया है कि कोवैक्सीन लगाए जाने के बाद दुष्परिणाम (साइड इफैक्ट) सामने आने पर कंपनी मुआवजा देगी। भारत सरकार ने भारत बायोटेक से कोरोना वैक्सीन की 55 लाख डोज खरीदने का फैसला किया है।
कंपनी का कहना है कि वैक्सीन दिए जाने वाले शख्स को एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर भी करना होगा। कंपनी का कहना है कि किसी अनहोनी की स्थिति में कंपनी की तरफ से मुआवजा दिया जाएगा। भारत बायोटेक ने कहा कि कोवैक्सीन के लगाए जाने पर किसी लाभार्थी को कोई स्वास्थ्य समस्या होती है तो सरकारी अस्पताल में देखरेख की सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
तीसरे ट्रायल के परिणाम आना शेष
बता दें कि पहले और दूसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल में कोवैक्सीन ने एंटीडोट्स उत्तपन करने की क्षमता देखी गई थी। वैक्सीन बना रही कंपनी की तरफ से कहा गया कि वैक्सीन की क्लीनिकल क्षमता के बारे में अब भी बताया जाना शेष है। तीसरे फेज के क्लीनिकल ट्रायल के आंकड़ों का अध्य्यन किया जा रहा है।
वैक्सीन लगने के बाद भी नियमों का पालन जरूरी
फॉर्म में कहा गया है कि वैक्सीन की खुराक लगने का मतलब यह नहीं है कि इसके बाद कोविड-19 से बचाव के लिए निर्धारित अन्य मानकों का पालन करना बंद कर दिया जाए। इसके साथ ही वैक्सीन प्राप्तकर्ताओं को एक फैक्टशीट भी दी गई और एक फॉर्म दिया गया जिसे पीड़ित को प्रतिकूल प्रभावों के सामने आने के सात दिन के अंदर जमा करना होगा।
स्वदेश में विकसित कोवैक्सीन को भारत के औषधि नियामक ने आपात उपयोग की अनुमति दी थी। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में 81 केंद्रों पर स्वास्थ्यकर्मियों और अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों को वैक्सीन की खुराक देने का अभियान शुरू हुआ। इनमें से 75 केंद्रों पर ऑक्सफोर्ड की कोविशील्ड और बाकी छह केंद्रों पर कोवैक्सीन की खुराक दी जा रही है।
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