बिना हेलमेट बल्लेबाजी करते मर भी जाता तो फर्क नहीं पड़ता : रिचर्ड्स

डिजिटल डेस्क, सिडनी। वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज सर विवियन रिचर्डस को बिना हेलमेट के बल्लेबाजी करने के लिए जाना जाता था। अपने समय में इस बल्लेबाज ने कई घातक गेंदबाजों का सामना किया, लेकिन हेलमेट नहीं पहना। रिचर्डस ने आस्ट्रेलिया के पूर्व खिलाड़ी शेन वाटसन के साथ बात करते हुए कहा कि वह बिना हेलमेट पहनने के कारण उठने वाले जोखिम के साथ सहज थे।

रिचर्ड्स ने वाटसन से पोडकास्ट पर कहा, खेल के प्रति जुनून इतना था कि मैं जिस खेल को प्यार करता हूं, उसे खेलते हुए मर भी जाता तो दुख नहीं होता। रिचर्डस ने कहा कि वह दूसरे खेलों में उन खिलाड़ियों से प्रेरित होते थे जो अपनी जान जोखिम में डालते थे।

पूर्व बल्लेबाज ने कहा, मैं दूसरे खेलों के पुरुष और महिला खिलाड़ियों को देखता था जो किसी भी हद तक अपने खेल का सम्मान करते थे। मैं फॉर्मूला-1 में रेसर को कार चलाते देखता था। इससे ज्यादा खतरनाक क्या हो सकता है।

रिचर्डस ने यह भी बताया कि उनके डेंटिस्ट ने उनको माउथ गार्ड लगाने की सलाह दी थी लेकिन उन्होंने ऐसा इसलिए नहीं किया कि वो फिर चुइंगगम नहीं चबा सकते थे। उन्होंने कहा, मेरे डेंटिस्ट ने मुझे माउथपीस दिया था जो मैंने कुछ बार इस्तेमाल किया लेकिन मैं चुइंगगम नहीं खा पाता था, इसलिए मैंने नहीं लगाया।



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It doesn't matter if he dies without batting a helmet: Richards
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