डिजिटल डेस्क, भोपाल। राज्यसभा चुनाव 2020 देश के आठ राज्यों की 19 राज्यसभा सीटों के लिए आज शुक्रवार (19 जून) को वोटिंग होगी। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कुछ बड़े राज्यों की सत्ता पर काबिज कांग्रेस पार्टी के कई बड़े चेहरे दांव पर लगे हैं। वोटिंग की प्रक्रिया 9 बजे से शाम चार बजे तक चलेगी। वहीं शाम में ही सभी 19 सीटों के लिए मतगणना भी होगी।
इन आठ राज्यों की 19 सीटों पर चुनाव
राज्यसभा (Rajya Sabha Elections 2020) की 19 सीटों में आंध्रप्रदेश और गुजरात से चार-चार, मध्यप्रदेश और राजस्थान से तीन-तीन, झारखंड से दो, मणिपुर, मिजोरम और मेघालय से एक-एक सीट पर चुनाव होगा। मणिपुर में सत्तारूढ़ गठबंधन के नौ सदस्यों के इस्तीफे के कारण चुनाव रोचक होने की संभावना है। बीजेपी ने लीसेम्बा सानाजाओबा और कांग्रेस ने टी मंगी बाबू को उम्मीदवार बनाया है।
राज्यसभा की पांच सीटों पर निर्विरोध जीत
कर्नाटक में राज्यसभा की चार सीटों पर पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, बीजेपी उम्मीदवार इरन्ना कडाडी और अशोक गस्ती को पहले ही निर्विरोध विजेता घोषित किया जा चुका है। अरुणाचल प्रदेश में भी राज्यसभा की एक इकलौती सीट पर बीजेपी उम्मीदवार नबाम रेबिया की पहले से ही निर्विरोध जीत घोषित है।
मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिये चुनाव
बात अगर मध्यप्रदेश की की जाए तो यहां राज्यसभा की तीन सीटों के लिए भाजपा के दो उम्मीदवार पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और सुमेर सिंह सोलंकी और कांग्रेस के उम्मीदवार दिग्विजय सिंह के बीच मुकाबला होगा।
विधानसभा की मौजूदा संख्या बल के मान से भाजपा के पास अपने दोनों उम्मीदवारों को निर्वाचित कराने के लिये विधायकों के पर्याप्त मत हैं। वहीं कांग्रेस के पास दिग्विजय सिंह को दूसरी दफा राज्यसभा में भेजने के लिये मत पर्याप्त हैं लेकिन दूसरे उम्मीदवार बरैया को निकालने के लिये अपेक्षित मत नहीं है।
मध्यप्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं तथा फिलहाल 24 सीटें रिक्त होने की वजह से विधानसभा की प्रभावी संख्या 206 है। इसमें भाजपा के 107, कांग्रेस के 92, बसपा के दो, सपा का एक तथा चार निर्दलीय विधायक हैं। इस स्थिति में राज्यसभा में निर्वाचन के लिए किसी भी उम्मीदवार को 52 मतों की जरुरत होगी। कांग्रेस दिग्विजय सिंह के चुनाव के लिये अपने 54 विधायकों को उन्हें वोट देने के लिए कह चुकी है। इस स्थिति में भाजपा अपने दम पर अपने दोनों उम्मीदवारों को जीता सकती है। इसके अलावा बसपा के दो, सपा का एक और दो निर्दलीय विधायक बुधवार रात को प्रदेश भाजपा कार्यालय में रात्री भोज में शामिल हो भाजपा के खेमे में होने के संकेत दे चुके हैं।
इस बीच, प्रदेश में सत्तारुढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के विधायकों ने चुनाव के लिये अपनी रणनीति को अंतिम रुप देने के लिये गुरुवार को बैठकें की। भाजपा विधायकों के एक बैठक रात को भी होने जा रही है। मार्च में सिंधिया कांग्रेस से अलग हो भाजपा में शामिल हो गये थे। इसके बाद उनके समर्थक विधायकों के भी त्यागपत्र देकर भाजपा में शामिल होने से प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिर गयी थी।
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