नई दिल्ली, 4 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को कहा कि उसने दिल्ली की एक कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को 53 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने के लिए एक मामला दर्ज किया है। यह कंपनी सोने और हीरे के जेवरात बनाती है।
सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा कि एजेंसी ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की एक शिकायत पर गिन्नी गोल्ड प्रा. लिमिटेड और इसके पांच निदेशकों, गारंटर रही एक अन्य कंपनी एसकेजी डोर्स लिमिटेड और इसके दो निदेशकों, बैंक के पैनल पर रहे दो वकीलों और यूनियन बैंक के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ एक मामला दर्ज किया है।
बैंक ने एफआईआर में आरोप लगाया है कि ऋण लेने वाली इस कंपनी ने नई दिल्ली के पटेल नगर स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से कैश क्रेडिट फैसिलिटी और बैंक गारंटी हासिल किया।
बैंक ने आरोप लगाया है कि गारंटर कंपनी ने उधारी लेने वाली कंपनी द्वारा हासिल की गई सुविधा के जमानत के रूप में बैंक के पक्ष में एक ऐसी संपत्ति को बंधक रखा, जो पहले ही बिक चुकी थी और उसका झूठा टाइटल डीड बैंक में जमा कर दिया।
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि गिन्नी गोल्ड प्रा. लिमिटेड ने ऋण का पुनर्भुगतान नहीं किया और उसे गैर निष्पादित संपत्ति (एनपीए) घोषित कर दिया गया, जिससे बैंक को 53 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
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