पटना, 11 जुलाई (आईएएनएस)। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा कोरोना काल में परीक्षा लेने के आदेश का बिहार कांग्रेस ने विरोध जताया है। कांग्रेस ने इसे तुगलकी फरमान बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है।
कांग्रेस के बिहार प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा ने कहा कि आज पूरे विश्व में भारत कोरोना संक्रमण के मामले में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है और यूजीसी छात्रों से परीक्षा लेने के लिए आदेश निकाल रही है। उन्होंने इस आदेश को तुगलकी फरमान बताते हुए सरकार से मांग की है कि इसे जल्द वापस लिया जाना चाहिए। झा ने कहा कि सभी छात्रों को बिना परीक्षा के ही प्रमेाट किया जाना चाहिए।
इधर, राज्यसभा सांसद और बिहार कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के चेयरमैन अखिलेश सिंह ने कहा कि यूजीसी के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकार भी छात्रों के साथ पूरी तरह अन्याय कर रही है। बिहार के सारे विश्वविद्यालय और कॉलेजों की परीक्षा को रद्द कर छात्रों को प्रोमोट करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की सभी तरह की फीस माफ कर देनी चाहिए। कोरोना काल मे आर्थिक संकट आया है ऐसे में किसी तरह का शुल्क लेना ठीक नहीं होगा।
इधर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ललन कुमार ने कहा कि यूजीसी के इस आदेश के पालन करने से लाखों छात्रों, टीचर्स और नन टीचिंग स्टाफ की जान को खतरे में आ जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर यूजीसी को अपने आदेश का पालन करवाना है तब मानव संसाधन विभाग और यूजीसी को छात्रों की जान की गारंटी लेनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में बिहार सरकार लॉकडाउन लागू कर रही है और यूजीसी परीक्षा लेने पर आतुर है।
उल्लेखनीय है कि यूजीसी ने छात्रों की परीक्षा लेने का आदेश दिया है।
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