डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। स्वदेशी हॉक-आई प्रोग्राम को बढ़ावा देने के लिए हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने गुरुवार को स्मार्ट एंटी एयरफील्ड वेपन (SAAW) का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। ओडिशा के तट से हॉक-आई एयरक्राफ्ट से इस वेपन का टेस्ट फायर किया गया। HAL के टेस्ट पायलट विंग कमांडर (रिटायर्ड) पी अवस्थी और विंग कमांडर (रिटायर्ड) एम पटेल वेपन रिलीज को एक्जीक्यूट किया।
HAL ने कहा कि इसे टेक्स्ट बुक मैनर से किया गया और सभी मिशन उद्देश्यों को पूरा किया गया। टेलीमेट्री और ट्रैकिंग सिस्टम ने सभी मिशन इवेंट को कैप्चर किया और ट्रायल की सफलता की पुष्टि की। एचएएल के सीएमडी आर माधवन ने कहा, एचएएल आत्मनिर्भर भारत कैंपेन पर फोकर कर रहा है। हॉक-आई प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल डीआरडीओ और सीएसआईआर लैब के विकसित सिस्टम और हथियारों के सर्टिफिकेशन के लिए किया जा रहा है।
SAAW पूरी तरह से भारत में बना है, जिसे रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने विकसित किया है। यह इंडियन हॉक-MK132 से फायर किया गया पहला स्मार्ट वेपन है। इस वेपन का वजन करीब 120 किलोग्राम है। जिसका इस्तेमाल दुश्मन के बंकर, एयरक्राफ्ट, रनवे आदि का ध्वस्त करने में किया जाता है। वहीं इसकी मारक क्षमता करीब 100 किलोमीटर है। साथ ही हल्के वजन की वजह से इसे बेहतरीन गाइडेड बम माना जाता है। इससे पहले SAAW का जगुआर एयरक्राफ्ट से सफलतापूर्वक टेस्ट किया गया था।
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