संयुक्त किसान मोर्चा ने खारिज किया सरकार का प्रस्ताव, तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर अड़े किसान

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संयुक्त किसान मोर्चा ने कृषि कानूनों को लेकर सरकार के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। बुधवार को 10वें दौर की बैठक के बाद केंद्र ने किसानों को प्रस्ताव दिया था कि वह 1-1.5 साल तक तीनों कृषि क़ानूनों के क्रियान्वयन को स्थगित करने के लिए तैयार है। इसके बाद किसान नेताओं ने प्रस्ताव पर विचार कर जवाब देने की बात कही थी। अब किसानों का जवाब आ गया है। ऐसे में साफ है कि फिलहाल किसान आंदोलन खत्म होता दिखाई नहीं देता।  

10वें दौर की बैठक के बाद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, आज हमारी कोशिश थी कि कोई निर्णय हो जाए। किसान यूनियन क़ानून वापसी की मांग पर अड़ी थी और सरकार खुले मन से क़ानून के प्रावधान के अनुसार विचार करने और संशोधन करने के लिए तैयार थी। अब अगली बैठक 22 जनवरी को होगी। कृषि मंत्री ने कहा था, सुप्रीम कोर्ट ने कुछ समय के लिए कृषि सुधार क़ानूनों को स्थगित किया है। सरकार 1-1.5 साल तक भी क़ानून के क्रियान्वयन को स्थगित करने के लिए तैयार है।

वहीं किसान नेता दर्शन पाल सिंह ने कहा था, बैठक में 3 कानूनों और MSP पर बात हुई। सरकार ने कहा हम 3 कानूनों का एफिडेविट बनाकर सुप्रीम कोर्ट को देंगे और हम 1-1.5 साल के लिए रोक लगा देंगे। एक कमेटी बनेगी जो 3 क़ानूनों और MSP का भविष्य तय करेगी। हमने कहा हम इस पर विचार करेंगे। एक अन्य किसान नेता ने कहा था, हम 500 किसान संगठन हैं, कल हम सबसे चर्चा करके 22 जनवरी को अपना जवाब देंगे।



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Sanyukt Kisan Morcha rejected the government's proposal regarding agricultural laws
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